कैपेसिटर क्या होता है? कैसे काम करता है?
धातु कि दो प्लेटो के बीच कोई कुचालक पदार्थ रखकर, प्लेटो में से एक-एक तार निकल दिया जाएँ तो इस तरह बने डिवाइस को केपेसीटर कहा जाता हैं। केपेसीटर एक बैटरी की तरह काम करता हैं। यह करंट को स्टोर करता है। जिस प्रकार टंकी में स्टोर पानी को दुबारा निकाला जा सकता हैं। ठीक उसी प्रकार केपेसीटर में स्टोर किये गये आवेशो को भी दुबारा प्राप्त किया जा सकता हैं। केपेसीटर का काम विधुत ऊर्जा को एकत्रित करना व विधुत ऊर्जा को एकत्रित दुबारा प्रदान करना हैं। केपेसीटर के इस प्रक्रिया को केपेसीटर कि चार्जिंग-डिसचार्जिंग प्रक्रिया कहा जाता हैं। केपेसीटर के द्वारा विधुत को स्टोर करने कि क्षमता को केपेसीटर का केपेसिटेन्स कहते हैं। केपेसिटेन्स को "C" अक्षर से प्रदर्शित किया जाता हैं। केपेसिटेन्स को "F" से मापा जाता हैं। 1000 पीको फेराड (kF) = 1 किलो पीको फेराड(KpF) 1000 किलो पीको फेराड (KpF) = 1 माइक्रो फेराड(MFD,MF,UF) 10,00,000 माइक्रो फेराड(MF) = 1 फेराड (F) केपेसीटर के प्रकार 1. फिक्स टाईप केपेसीटर (FIXED TYPE CAPACITOR) ऐसे केपॅसिटर जिनका मान घटाया या बढ़ाया नही...